पीपलकोटी में सरकारी बजट की बंदरबांट?
खेल मैदान की दीवारों में निर्माण पूरा होने से पहले ही आईं दरारें।
चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और घटिया निर्माण का एक और कथित मामला सामने आया है। चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित सेमलडाला खेल मैदान में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। निर्माण कार्य की जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे प्रदेश सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' के दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खेल मैदान की निर्माणाधीन सुरक्षा दीवारों में अभी से बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। लोगों का कहना है कि जब काम पूरा होने से पहले ही दीवारों का यह हाल है, तो भविष्य में यह ढांचा कितना सुरक्षित रहेगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सुरक्षा दीवार के ढहने से भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी या हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इस घटिया निर्माण को लेकर अब सीधे तौर पर सरकार के संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। क्षेत्रवासियों का साफ आरोप है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में भारी कटौती की गई है। कार्य में तय मानकों का पालन नहीं किया गया है, जिसके चलते दीवारें बनने के साथ ही चटकने लगी हैं। स्थानीय लोगों ने अब पूरे निर्माण कार्य की किसी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय तकनीकी एजेंसी से जांच कराने की मांग तेज कर दी है।
विभाग साधे है चुप्पीइस पूरे विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों पर संबंधित विभाग या निर्माण करा रही एजेंसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। अधिकारियों की यह रहस्यमयी चुप्पी सरकार की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी शह पर जनता के टैक्स के पैसे से इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है?


