बद्रीनाथ धाम में भ्रष्टाचार के खिलाफ विधायक लखपत बुटोला का मौन धरना।
सीबीआई जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग।
श्री बद्रीनाथ धाम। श्री बद्रीनाथ धाम में हाल ही में सामने आए कथित भ्रष्टाचार और दान राशि चोरी की घटना के विरोध में आज, 7 जुलाई 2026 को स्थानीय विधायक लखपत बुटोला के नेतृत्व में एक सांकेतिक मौन धरना आयोजित किया गया। विधायक बुटोला सुबह करीब 07:40 बजे अपने 20-25 समर्थकों के साथ बद्रीनाथ मंदिर परिसर स्थित रावल जी के आवास की छत पर पहुंचे। वहां उन्होंने सुबह 07:55 बजे से 09:20 बजे तक मौन व्रत रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मौन धरने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए विधायक लखपत बुटोला ने राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा, "मौजूदा सरकार की देखरेख में हमारी आस्था के केंद्रों और नारायण के धामों में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। इससे दुनिया भर के सनातन धर्म प्रेमियों को गहरी पीड़ा और दुख पहुंच रहा है। पहले अयोध्या, फिर केदारनाथ और अब बद्रीनाथ मंदिर प्रांगण में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आना बेहद चिंताजनक है।" उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धालु मोक्ष और शांति की तलाश में इन पवित्र स्थानों पर आते हैं, लेकिन "मोक्षदायिनी नदी" और "श्री वैकुंठ धाम" में व्याप्त भ्रष्टाचार सनातन संस्कृति को कमजोर कर रहा है।
विधायक बुटोला ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के एक उपाध्यक्ष पर पद के दुरुपयोग का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उपाध्यक्ष ने नियमों को ताक पर रखकर अपनी ही पत्नी को अपना पीए (निजी सहायक) नियुक्त किया और उन्हें सरकारी खजाने से तनख्वाह दिलाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद छोड़ने की मांग की है। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे घोटाले की जांच सीबीआई (CBI) या उत्तराखंड उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए। जांच का दायरा केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें शामिल सभी बड़े और जिम्मेदार अधिकारियों को बेनकाब किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की और कहा कि स्थानीय जनता धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी तरह एकजुट है।
इस विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि अनूप नेगी (ब्लॉक प्रमुख, ज्योतिर्मठ),हरीश परमार (पूर्व ब्लॉक प्रमुख, ज्योतिर्मठ),पीताम्बर दत्त मोल्फा (पूर्व प्रधान, माना),धर्मेंद मोल्फा (वर्तमान प्रधान, माना),दिनकर बबूलकर (पूर्व सदस्य, बीकेटीसी),विक्रम फर्स्वाण (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस),बलदेव मेहता (पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष),अजीत पाल (क्षेत्र पंचायत सदस्य),अमित कन्नी (प्रतिनिधि क्षेत्र पंचायत, पाण्डुकेश्वर),निश्चय मेहता (अध्यक्ष, नवयुवक मंगल दल, बामणी),प्रमोद नारायण भट्ट और उत्तम मेहता सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



