जिला अस्पताल में 'मुन्ना भाई' स्टाइल में चल रही थी OPD, फर्जी डॉक्टर मरीजों को लिख रहा था दवाइयां।
विशेषज्ञ की मोहर लगाकर देख रहा था मरीज।
फार्मेसी स्टाफ को हुआ शक।
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। यहाँ अस्पताल परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब फार्मेसी स्टाफ ने एक कथित फर्जी डॉक्टर को रंगे हाथों मरीजों के पर्चे लिखते हुए पकड़ लिया।
हैरानी की बात यह है कि आरोपी युवक टीबी एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. तुषार सिंह के केबिन में बैठकर उनकी अनुपस्थिति में ओपीडी चला रहा था। वह न केवल मरीजों की जांच कर रहा था, बल्कि डॉ. तुषार सिंह की आधिकारिक मोहर का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से पर्चों पर दवाइयां भी लिख रहा था।
मामला तब खुला जब अस्पताल के फार्मेसी काउंटर पर तैनात स्टाफ ने गौर किया कि डॉ. तुषार सिंह की मोहर वाले पर्चों पर लिखावट कुछ अलग है। जब स्टाफ ने जांच की, तो पता चला कि डॉ. तुषार उस वक्त अस्पताल में मौजूद ही नहीं थे। मौके पर पहुँचकर जब स्टाफ ने उक्त युवक से पूछताछ की, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और उसकी सच्चाई सामने आ गई।
पकड़े गए फर्जी डॉक्टर और फार्मेसी स्टाफ के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन इस बात की जांच कर रहा है कि वह बाहरी युवक डॉक्टर के केबिन तक कैसे पहुँचा और उसने आधिकारिक मोहर तक पहुँच कैसे बनाई। फिलहाल मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है और आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।


