केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल भुकुंट भैरवनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले।
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में स्थित क्षेत्रपाल देवता भुकुंट भैरवनाथ मंदिर के कपाट शनिवार (25 अप्रैल 2026) को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए।
22 अप्रैल को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद पहले शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना और यज्ञ के आयोजन के पश्चात भैरवनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
इस अवसर पर मुख्य पुजारी, तीर्थ पुरोहित, भुकुंट भैरवनाथ के पुजारी, मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराए गए, जिससे पूरे धाम में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भुकुंट भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का क्षेत्रपाल और रक्षक देवता माना जाता है। कहा जाता है कि इनके दर्शन के बिना केदारनाथ यात्रा अधूरी मानी जाती है।
भैरवनाथ मंदिर, केदारनाथ मुख्य मंदिर से लगभग 500 मीटर दक्षिण दिशा में एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां से पूरे धाम का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
परंपरा के अनुसार केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद पहले मंगलवार या शनिवार को भैरवनाथ के कपाट खोले जाते हैं। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष 25 अप्रैल को कपाट खोलने की प्रक्रिया संपन्न हुई।
धार्मिक दृष्टि से यह अनुष्ठान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि भैरवनाथ के कपाट खुलने के बाद ही केदारनाथ धाम में नित्य संध्या आरती और पूजा विधिवत रूप से प्रारंभ होती है।




