बीकेटीसी कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में धरना।
ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग): केदारनाथ धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में आज राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
मंदिर में दर्शन के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत में गणेश गोदियाल और अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों ने भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात, सभी नेता सीधे मंदिर समिति के कार्यालय के बाहर चल रहे धरने में शामिल हुए।
मांगों को बताया 'पूर्णतः न्यायसंगत'
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक केदारनाथ मनोज रावत ने कहा कि:
बीकेटीसी कर्मचारी सालों से अल्प मानदेय और अस्थाई व्यवस्था के तहत अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इन कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है।
सरकार और मंदिर समिति प्रशासन कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
कर्मचारियों को मिला पूर्ण समर्थन
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे कर्मचारियों की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। धरने के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन कर्मचारियों के नियमितीकरण और स्थायी नियुक्ति पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्तमुनी राजेन्द्र गोस्वामी,पीसीसी सदस्य आनंद सिंह रावत, बसंती रावत, जिला पंचायत सदस्य अजयवीर भंडारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ गणेश तिवारी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ऊखीमठ, विनोद राणा, पूर्व बीकेटीसी सदस्य शिव सिंह रावत, महिला मंगल अध्यक्ष आरती शैव ,डां कैलाश पुष्वाण, पूर्व पार्षद वैली रावत, यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष कर्मवीर कुंवर, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकुर रौथाण, ब्लॉक अध्यक्ष हरीश गुसाईं, महिवीर नेगी,उदय सिंह चौहान, प्रदीप कुमार, संतोष शैव,नवू धर्माण, स्थानीय महिला मंगल दल की महिला,हक हकूक धारी,जनप्रतिनिधि, क्षेत्र के सम्मानित नागरिक और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद और क्षेत्रीय जनता ,बीकेटीसी के आंदोलित कर्मचारी,बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और व्यापार मंडल के सदस्य मौजूद रहे।




