पिल्लू (केदार घाटी)के रियर एडमिरल (से.नि.) ओम प्रकाश सिंह राणा परमाणु रक्षा विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष नियुक्त।
: उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि रुद्रप्रयाग जनपद के निवासी रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) ओम प्रकाश सिंह राणा (एवीएसएम, वीएसएम) को 'परमाणु रक्षा' और अन्य रणनीतिक महत्व की परियोजनाओं के पर्यावरणीय मूल्यांकन के लिए गठित विशेषज्ञ समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 15 दिसंबर 2025 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। मंत्रालय ने देश की सुरक्षा और सामरिक महत्व की परियोजनाओं के पारिस्थितिक संतुलन को सुनिश्चित करने के लिए इस विशेषज्ञ समिति का पुनर्गठन किया है।
यह उच्च स्तरीय समिति परमाणु ऊर्जा, रक्षा और सामरिक महत्व की परियोजनाओं से जुड़े पर्यावरणीय पहलुओं पर निर्णय लेगी। समिति के मुख्य कार्य निम्नलिखित होंगे:
प्रोजेक्ट्स की जांच: समिति परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स और अन्य रक्षा परियोजनाओं के प्रस्तावों की गहन जांच करेगी।
पर्यावरण प्रबंधन योजना: विस्तृत पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) और पर्यावरण प्रबंधन योजना (EMP) के अध्ययन के लिए कड़े मानक और शर्तें निर्धारित करना।
सुरक्षा उपाय: जहां भी संभव होगा, यह समिति पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए तकनीकी सुरक्षा उपायों के सुझाव देगी।
अनुसंधान एवं विकास: परमाणु ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्र में पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े नए शोध (R&D) के लिए उपयुक्त विषयों और क्षेत्रों की पहचान करना।
रियर एडमिरल ओम प्रकाश सिंह राणा का अनुभव देश की इन संवेदनशील परियोजनाओं को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस नियुक्ति से सामरिक विकास और प्रकृति के संरक्षण के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) ओम प्रकाश सिंह राणा, AVSM, VSM, भारतीय नौसेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ हैं। उनके बारे में मुख्य जानकारी निम्नलिखित है:
व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
मूल निवास: वे उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के ग्राम पिल्लू (केदारघाटी) के निवासी हैं।
वर्तमान निवास: वर्तमान में वे देहरादून के डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र में रहते हैं।
सैन्य करियर और अनुभव
सेवा काल: उन्होंने 1981 में भारतीय नौसेना में प्रवेश किया और लगभग 4 दशकों तक देश की सेवा की।
प्रमुख पद: वे नौसेना आयुध निरीक्षण (Naval Armament Inspection) के महानिदेशक (Director General) के पद से 31 अगस्त 2017 को सेवानिवृत्त हुए।
विशेषज्ञता: उन्हें शस्त्र तकनीक, स्वदेशीकरण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का गहरा अनुभव है। उन्होंने रूस, फ्रांस, अमेरिका और इजराइल जैसे देशों से आयातित हथियारों के डिजाइन वैलिडेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस: सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने ब्रह्मोस एयरोस्पेस में महाप्रबंधक (General Manager) के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
डॉ. कलाम के साथ कार्य: उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ पृथ्वी मिसाइल प्रोजेक्ट में भी कार्य किया है।
पुरस्कार और सम्मान
उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया गया है।
वर्तमान महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ (2025)
विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष: दिसंबर 2025 में, भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने उन्हें परमाणु ऊर्जा, रक्षा और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं के लिए गठित विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (Expert Appraisal Committee) का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
पूर्व सदस्य: इससे पहले वे मंत्रालय की औद्योगिक परियोजनाओं (Industry-II) से जुड़ी विशेष मूल्यांकन समिति में सदस्य के रूप में भी नामित रहे हैं।


