ककोडाखाल में 105वां कुली बेगार क्रांति दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।
शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की शिरकत।
मातृशक्ति की रही विशेष भागीदारी।
कोडाखाल (गढ़वाल): भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास में दर्ज कुली बेगार प्रथा के अंत की याद में आज क्रांति स्थल कोडाखाल में 105वां 'कुली बेगार क्रांति दिवस' अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष गोष्ठी और श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने क्षेत्र के अमर शहीदों के बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने कुली बेगार जैसी कुप्रथा के विरुद्ध लड़ने वाले क्रांतिकारियों के योगदान पर चर्चा की। गोष्ठी में मुख्य रूप से ईश्वर सिंह बिष्ट प्रबन्धक जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ककोड़ाखाल,ग्राम प्रधान सारी, श्रीमती हेमलता देवी और ग्राम प्रधान ककोड़ाखाल, श्रीमती पुष्पा देवी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अध्यक्ष श्री आनंद सिंह बिष्ट, प्रधानाचार्य जयवीर सिंह नेगी और पूर्व प्रधान राजवर सिंह राणा ने भी अपने विचार साझा किए। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश बिष्ट, विनोद राणा, सुरेंद्र जग्गी और पंकज डिमरी ने युवाओं से अपने इतिहास और संस्कृति को संजोए रखने का आह्वान किया।
क्रांति दिवस के इस अवसर पर महिला मंगल दल की अध्यक्ष विजेश्वरी देवी, पूर्व अध्यक्ष गायत्री देवी और निशा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। वार्ड सदस्य श्रीमती दीपा देवी, श्रीमती महेश्वरी देवी, श्रीमती रेखा देवी, मनोरमा देवी और श्रीमती पूजा देवी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति जैसे कुशाल जग्गी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, अंकित बिष्ट, पंकज बिष्ट, दर्शन राणा और बलदेव राणा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे गढ़वाल की इस ऐतिहासिक क्रांति की मशाल को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाते रहेंगे।


