बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान को मिली रफ्तार, जिलाधिकारी ने की कार्यों की समीक्ष ।
विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम को विश्वस्तरीय तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। शनिवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बद्रीनाथ धाम में संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में यातायात व्यवस्था, तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही, पथ प्रकाश, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सुव्यवस्थित विकास, नदी तटों की सुरक्षा, पार्किंग, सीवर निस्तारण और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
पीआईयू (लोक निर्माण विभाग) के अधिकारियों ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत संचालित सभी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धाम को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने मास्टर प्लान के फेज-3 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की प्लानिंग और अध्ययन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि फेज-1 के अंतर्गत वन-वे लूप रोड, बीआरओ बाईपास रोड, सिविक एमेनिटी बिल्डिंग, शेषनेत्र लेक, बद्रीश लेक, आईएसबीटी भवन, टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर भवन तथा अराइवल प्लाजा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
जिलाधिकारी ने अस्पताल विस्तार भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना की तैयारी करने के निर्देश भी दिए। वहीं अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने पर जोर दिया।
फेज-2 के अंतर्गत प्रशासनिक भवन, इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर, रिवरफ्रंट, पैदल सेतु और तीर्थ पुरोहित आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुके तीर्थ पुरोहित आवासों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर शीघ्र आवंटन एवं शिफ्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पिलग्रिम एकोमोडेशन ब्लॉक को प्राथमिकता के आधार पर हस्तांतरित करने को कहा।
उन्होंने धाम क्षेत्र में अतिक्रमण की संभावनाओं को रोकने के लिए सभी भूमि पैचों को सुरक्षित रखने और विकसित परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बैठक में उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ट, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत हो रहे इन विकास कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धाम की धार्मिक गरिमा और पर्यटन क्षमता को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।


