राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर क्यों नहीं उड़ पाया? हरीश रावत ने उठाए गंभीर सवाल, DGCA-UCADA से मांगा जवाब।
हरीश रावत ने कहा कि अल्मोड़ा, पौड़ी और देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों ने बड़ी संख्या में राहुल गांधी के स्वागत और सभा की तैयारी की थी। हजारों लोग सुबह से उनके इंतजार में जुटे थे, लेकिन अचानक यह सूचना मिली कि मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जिस समय राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, उसी दौरान सरकार द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। उन्होंने दावा किया कि अल्मोड़ा और हल्द्वानी के बीच हेलीकॉप्टर उड़ानें जारी थीं और वही हवाई मार्ग राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर को भी इस्तेमाल करना था।
हरीश रावत ने कहा, "जब दूसरे हेलीकॉप्टर उसी मार्ग पर उड़ रहे थे तो राहुल गांधी का डबल इंजन हेलीकॉप्टर क्यों नहीं उड़ पाया? इसका जवाब या तो हेलीकॉप्टर कंपनी को देना चाहिए, या फिर डीजीसीए और यूकाडा को।"
उन्होंने कहा कि यह सवाल केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों का भी है जो राहुल गांधी को सुनने और देखने के लिए सभा स्थलों पर एकत्रित हुए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस राहुल गांधी की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं चाहती और खराब मौसम में उड़ान न भरने का निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से उचित हो सकता है, लेकिन जब अन्य हेलीकॉप्टर उसी दौरान उड़ान भर रहे थे तो स्वाभाविक रूप से कई प्रश्न खड़े होते हैं।
हरीश रावत ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष का निर्धारित कार्यक्रम अंतिम समय में रद्द होना सामान्य घटना नहीं है और संबंधित एजेंसियों को इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए, ताकि लोगों के मन में उठ रहे संदेह दूर हो सकें।
राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे में अल्मोड़ा, पौड़ी-गढ़वाल और देहरादून में कार्यक्रम प्रस्तावित थे। हालांकि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते वे पंतनगर से आगे नहीं बढ़ सके और दिल्ली लौट गए। इस घटनाक्रम को लेकर अब राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।


