बाजपुर में ‘वोट कट्टू’ विवाद से सियासत गरम: 330 नाम काटने की कोशिश, सुनवाई में गायब रहे आपत्तिकर्ता!
बाजपुर, ऊधमसिंह नगर | 25 अगस्त 2026
बाजपुर विधानसभा में मतदाता सूची को लेकर बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। **330 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए की गई आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान एक भी आपत्तिकर्ता के सामने नहीं आने** को लेकर पूर्व केदारनाथ विधायक **मनोज रावत** ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मनोज रावत ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यदि किसी मतदाता के नाम पर वास्तविक आपत्ति थी तो आपत्ति दर्ज कराने वालों को ERO/SDM के सामने पहुंचकर अपने आरोपों को प्रमाणित करना चाहिए था। लेकिन सुनवाई में आपत्तिकर्ताओं की गैरमौजूदगी ने पूरी प्रक्रिया की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘नाम कटवाने वालों की नीयत क्या थी?’
मनोज रावत ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने की आपत्तियां लगाई गईं, वे अपने जरूरी दस्तावेज लेकर सुनवाई में पहुंचे। दूसरी ओर, जिन लोगों ने उनके नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 दाखिल किए, वे ही सुनवाई से नदारद रहे।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिना पर्याप्त आधार के थोक में फॉर्म-7 भरकर पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की गई?
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण, गरीब, कम पढ़े-लिखे और वंचित वर्ग के मतदाताओं पर पड़ सकता है।
‘फर्जी आपत्ति है तो कार्रवाई भी हो
मनोज रावत ने कहा कि अगर जांच में फॉर्म-7 में लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं, तो केवल आवेदन खारिज करके मामला खत्म नहीं होना चाहिए। गलत जानकारी देकर मतदाता का नाम हटाने की कोशिश करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता इस मुद्दे पर अधिकारियों के सामने हंगामा या शिकायत कर रहे हैं, उन्हें पहले उन आपत्तिकर्ताओं को सामने लाना चाहिए जिन्होंने मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दिए हैं।
वोट कट्टू गिरोह’ का आरोप, संरक्षण की भी आशंका
मनोज रावत ने इस पूरे प्रकरण को **‘वोट कट्टू गिरोह’** से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि यदि थोक में दाखिल किए गए फॉर्म-7 में लगाए गए दावे झूठे निकलते हैं, तो यह जांच का विषय होगा कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन किसके इशारे पर और किस प्रक्रिया के तहत दाखिल हुए।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि **मतदाता सूची कोई राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से काटने की कोशिश लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है।**
मनोज रावत ने कहा कि कांग्रेस पात्र मतदाताओं के नाम और उनके मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए **अंतिम चरण तक लड़ाई जारी रखेगी।**


