क्यूंजा गांव में शराबबंदी का बड़ा फैसला, सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने पर लगेगा ₹10 हजार जुर्माना।
**रुद्रप्रयाग।** जिले के क्यूंजा गांव में नशे के खिलाफ महिला मंगल दल ने बड़ा सामाजिक फैसला लिया है। महिला मंगल दल क्यूंजा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भी सामाजिक, धार्मिक या अन्य सार्वजनिक कार्य में शराब नहीं परोसी जाएगी। यदि किसी आयोजन में शराब परोसे जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति पर **₹10 हजार का जुर्माना** लगाया जाएगा।
23 अगस्त 2026 को महिला मंगल दल क्यूंजा की बैठक अध्यक्ष **आशा देवी गढ़वाल** की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य **अजयवीर भंडारी**, क्षेत्र पंचायत सदस्य **राजनारायण सिंह राणा**, ग्राम प्रधान **विनोद लाल**, उपप्रधान एवं युवक मंगल दल अध्यक्ष **राजेश रावत**, सरपंच **अरुणा राणा**, पूर्व प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बैठक में गांव को नशामुक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत के अंतर्गत किसी भी दुकान में शराब पिलाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई दुकानदार शराब पिलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के साथ **₹2 हजार का जुर्माना** लगाया जाएगा।
शराब बेचने वालों पर भी होगी कार्रवाई
महिला मंगल दल ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में शराब की बिक्री को भी हतोत्साहित किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति शराब बेचते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सूचना दी जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव में शराबबंदी के अभियान में महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, ग्राम प्रहरी, ग्राम प्रधान, उपप्रधान, सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर सहयोग करेंगे।
शराब पीकर वाहन चलाने पर ₹1 हजार जुर्माना
बैठक में शराब पीकर वाहन चलाने को लेकर भी सख्त निर्णय लिया गया। ग्राम पंचायत क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर ₹1 हजार का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि शराब के कारण परिवारों और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए गांव स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। महिला मंगल दल ने ग्रामीणों से अपील की कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सभी लोग सहयोग करें और गांव को नशामुक्त बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
क्यूंजा गांव का यह सामूहिक फैसला अब आसपास के क्षेत्रों के लिए भी मिसाल बन सकता है। ग्रामीणों ने साफ संदेश दिया है कि सामाजिक आयोजनों से लेकर शराब की बिक्री और नशे में वाहन चलाने तक, गांव में नशे के खिलाफ सामूहिक स्तर पर सख्ती बरती जाएगी।






