घोषणाओं के बावजूद नहीं बदली रायड़ी बैंड की तस्वीर, एक सप्ताह से बंद विजयनगर–पठालीधार मार्ग ने खोली सरकारी दावों की पोल।
**रुद्रप्रयाग।** बसुकेदार तहसील के 50 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला विजयनगर–पठालीधार मोटर मार्ग पिछले एक सप्ताह से बंद है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि रायड़ी बैंड की समस्या को लेकर बार-बार घोषणाएं और समाधान के दावे किए जाने के बावजूद धरातल पर आखिर काम क्यों नहीं हुआ?
फलई से आगे रायड़ी बैंड और पठालीधार स्कूल के नीचे सड़क की हालत लंबे समय से खराब बताई जा रही है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सावन नेगी (सिल्ला ब्राह्मणगांव) के अनुसार ग्रामीण लगातार सड़क की स्थिति सुधारने और रायड़ी बैंड का स्थायी समाधान करने की मांग करते आ रहे हैं। कई बार समस्या के समाधान और सड़क के एलाइनमेंट में बदलाव की बातें सामने आईं, लेकिन जमीनी स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
घोषणाएं हुईं, भरोसा दिलाया गया, लेकिन सड़क नहीं सुधरी
रायड़ी बैंड को लेकर ग्रामीणों को लंबे समय से समाधान का भरोसा मिलता रहा है। सड़क सुधारने और स्थायी व्यवस्था की बातें भी कही गईं, लेकिन धरातल पर काम की रफ्तार सवालों के घेरे में है। यही वजह है कि अब एक सप्ताह से मार्ग बंद होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ रहा है।
सरकारी घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर इस सड़क पर साफ दिखाई दे रहा है। यदि समस्या का स्थायी समाधान पहले ही कर दिया गया होता तो क्या आज 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को एक सप्ताह तक बंद सड़क का खामियाजा भुगतना पड़ता?
सड़क बंद, वैकल्पिक रास्ता भी बदहाल
ग्रामीणों के अनुसार तिमली मोटर मार्ग से सिंगोड़गांव–बाराकोट होते हुए साणेश्वर मंदिर मार्ग के जरिए विजयनगर–पठालीधार तक पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता मौजूद है। लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में यह मार्ग भी पूरी तरह भरोसेमंद विकल्प नहीं बन पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते वैकल्पिक मार्ग का निरीक्षण और सुधार कराया होता तो मौजूदा संकट में बड़ी राहत मिल सकती थी।
अब सवाल घोषणाओं का नहीं, काम का है
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब नई घोषणाएं नहीं, बल्कि सड़क पर काम चाहिए। वर्षों से चली आ रही रायड़ी बैंड की समस्या और बार-बार बाधित हो रहे मार्ग ने सरकारी दावों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
50 से अधिक गांवों की आवाजाही प्रभावित है, एक सप्ताह से सड़क बंद है और रायड़ी बैंड की समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है—घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद आखिर काम कब होगा? क्या सरकार की घोषणाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, या ग्रामीणों को वास्तव में सड़क की सुविधा भी मिलेगी?


