एनटीपीसी गेट पर धरने पर बैठे सभासद प्रवेश डिमरी।
वादों से मुकरने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी।
जोशीमठ (चमोली):उत्तराखंड के चमोली जिले के तहत आने वाले जोशीमठ में एनटीपीसी (NTPC) जल विद्युत परियोजना की कार्यप्रणाली के खिलाफ स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है। एनटीपीसी प्रबंधन पर वादाखिलाफ़ी और स्थानीय युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सोमवार को जोशीमठ नगर पालिका के रवि ग्राम वार्ड से सभासद प्रवेश डिमरी परियोजना के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
धरने पर बैठे सभासद प्रवेश डिमरी ने एनटीपीसी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी प्रभावित परिवारों और स्थानीय जनता के साथ किए गए अपने वादों से लगातार मुकर रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण के समय प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार देने की बड़ी-बड़ी प्रतिबद्धताएं जताई गई थीं, लेकिन धरातल पर कंपनी पूरी तरह मनमानी पर उतारू है। स्थानीय योग्य युवाओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को तरजीह दी जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
सभासद डिमरी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह धरना तो सिर्फ एक शुरुआत है। अगर एनटीपीसी प्रशासन ने जल्द ही स्थानीय प्रभावितों को रोजगार देने और पूर्व में किए गए समझौतों को लागू करने पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र की जनता अब चुप नहीं बैठेगी और जरूरत पड़ने पर परियोजना के कामकाज को पूरी तरह ठप कर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एनटीपीसी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
गौरतलब है कि जोशीमठ भू-धंसाव (Land Subsidence) की त्रासदी के बाद से ही स्थानीय जनता का एक बड़ा वर्ग एनटीपीसी की टनल और अन्य निर्माण कार्यों को लेकर पहले से ही आक्रोशित और आशंकित है। ऐसे में प्रभावितों को रोजगार न मिलने और कंपनी के अड़ियल रवैये ने आग में घी डालने का काम किया है। सोमवार को गेट पर शुरू हुए इस धरने को स्थानीय लोगों और अन्य जनप्रतिनिधियों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है।


