टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हादसे से हड़कंप, 13 का रेस्क्यू फिर भी कई फंसे—टनलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
**चमोली, 13 अगस्त 2026।** मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना ने पहाड़ में चल रही सुरंग परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। टनल के भीतर अचानक मलबा और पानी भरने के बाद कई लोगों के फंसने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह है कि अब तक **13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है**, लेकिन शेष लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है।
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर उतरना पड़ा। जिलाधिकारी **गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर** बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर जुटी हैं।
आखिर निर्माणाधीन टनल में कैसे घुसा मलबा और पानी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्माणाधीन टनल में मलबे और पानी के प्रवेश की स्थिति क्यों बनी? क्या टनल के भीतर काम कर रहे श्रमिकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या संभावित जलभराव और मलबे के खतरे का पहले से आकलन किया गया था? इन सवालों के जवाब अब जरूरी हो गए हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही सुरंग और निर्माण परियोजनाओं से जुड़ी घटनाओं के बीच **श्रमिकों की सुरक्षा, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, टनल मॉनिटरिंग और निर्माण मानकों की निगरानी** को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग भी उठ सकती है।
रेस्क्यू में जुटी कई एजेंसियां, खतरा अभी टला नहीं
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान टनल में फंसे शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। मौके पर मौजूद बचाव दल युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं। हालांकि जब तक टनल के भीतर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक खतरा पूरी तरह टला नहीं माना जा सकता।
इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि **बड़ी जलविद्युत और सुरंग परियोजनाओं में सुरक्षा के दावों की जमीनी हकीकत आखिर क्या है?** हादसे के बाद अब निर्माणाधीन टनल की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और श्रमिकों के लिए उपलब्ध आपातकालीन इंतजामों की गंभीर जांच जरूरी नजर आ रही है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से रेस्क्यू अभियान जारी है और घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।


