रोड नहीं तो वोट नहीं।
बणसौली गांव ने किया आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान।
कर्णप्रयाग (चमोली): उत्तराखंड में विकास की दावों के बीच बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के अंतर्गत आने वाले बणसौली गांव के निवासियों ने संपर्क मोटर मार्ग का निर्माण न होने से नाराज होकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का पूर्ण बहिष्कार करने का बड़ा फैसला लिया है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनके गांव तक सड़क नहीं पहुंची, तो वे मतदान नहीं करेंगे।
ग्राम पंचायत बणसौली के ग्राम प्रधान जमन सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) चमोली और उप जिलाधिकारी (SDM) कर्णप्रयाग को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि बणसौली ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक दल के प्रत्याशी या उनके समर्थकों के आने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।ग्रामीणों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि चुनावी प्रचार के दौरान यदि किसी नेता या समर्थक ने जबरदस्ती गांव में घुसने का प्रयास किया, तो उसके साथ होने वाले व्यवहार की जिम्मेदारी उसकी स्वयं की होगी।
ग्राम प्रधान और स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क की मांग कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर वे स्थानीय विधायक से लेकर शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक अनेकों बार गुहार लगा चुके हैं। हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं, धरातल पर सड़क निर्माण का काम आज तक शुरू नहीं हो सका है। सड़क न होने से बीमारों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।लगातार हो रही उपेक्षा से तंग आकर अब बणसौली के ग्रामीणों ने 'रोड नहीं तो वोट नहीं' का नारा बुलंद करते हुए चुनाव बहिष्कार का रास्ता चुना है। ग्रामीणों के इस कड़े रुख के बाद अब प्रशासनिक गलियारों और राजनीतिक हल्कों में खलबली मचने की उम्मीद है।



