अपने ही घर में गैरों जैसा बर्ताव।
गोपीनाथ मंदिर के 300 मीटर दायरे में निर्माण प्रतिबंध से भड़के ग्रामीण।
DM दफ्तर पर प्रदर्शन।
गोपेश्वर:"अपने ही घर में गैरों जैसा बर्ताव अब बर्दाश्त नहीं होगा।" इसी आक्रोश के साथ ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर परिसर के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। कड़े नियम-कायदों के कारण अपने ही घरों की जरूरी मरम्मत तक न कर पा रहे गोपेश्वर के प्रभावित ग्रामीणों ने आज जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों की सबसे बड़ी नाराजगी गोपीनाथ मंदिर परिसर के 300 मीटर के दायरे में निर्माण कार्य पर लगे पूरी तरह से प्रतिबंध को लेकर है। इस कड़े कानून के कारण मंदिर के आसपास सदियों से रह रहे स्थानीय लोग अपने जर्जर हो चुके मकानों की मरम्मत (रिपेयरिंग) तक नहीं करा पा रहे हैं। कई घरों की स्थिति बेहद दयनीय और खतरनाक हो चुकी है, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों की इस बेड़ियों के कारण वे अपने ही हक से महरूम हो गए हैं।
न्याय की गुहार लेकर भारी संख्या में प्रभावित ग्रामीण और स्थानीय लोग इकट्ठा होकर जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने साफ कहा कि इस अव्यावहारिक नियम के कारण उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस 300 मीटर के प्रतिबंधात्मक दायरे के नियम की समीक्षा की जाए और स्थानीय निवासियों को अपने घरों की जरूरी मरम्मत व सीमित निर्माण की अनुमति तुरंत दी जाए। प्रदर्शन कारियों में पूर्व जिला महामंत्री बीजेपी ने नवल भट्ट, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा पासवान,सुनील तिवारी, शान्ति प्रसाद भट्ट ,चंद्रकला बिष्ट, सुशीला सेमवाल आदि थे।


