कब तक मिलेगा सिर्फ आश्वासन? भरदारी पुल को लेकर सड़कों पर उतरी जनता, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा!
भरदारी पुल पर फूटा जनाक्रोश, रुद्रप्रयाग की सड़कों पर उमड़ा सैलाब—सरकार के खिलाफ आर-पार की हुंकार!
छह साल से सिर्फ आश्वासन! अब सड़क पर उतरा भरदार, कलक्ट्रेट कूच से सरकार के दावों की खुली पोल।
**रुद्रप्रयाग।** भरदारी पुल के निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को भरदार क्षेत्र का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार में जुटे और कलक्ट्रेट कूच कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भीड़ और नारों ने साफ कर दिया कि **अब जनता आश्वासन सुनने के मूड में नहीं है।**
जिस पुल के निर्माण की मांग वर्षों से उठाई जा रही है, उस पर लगातार देरी ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सरकार और जिम्मेदार विभागों की ओर से लगातार आश्वासन तो दिए गए, लेकिन धरातल पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। यही वजह है कि आज भरदार की जनता को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।
### **विकास के दावों पर बड़ा सवाल—जब जनता को पुल ही नहीं मिला तो किस विकास की बात?**
भरदारी गाड़ पर पुल की मांग कोई नई नहीं है। जुलाई में भी क्षेत्रीय संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर निर्माण की मांग उठाई थी और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई न होने से लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
कलक्ट्रेट कूच के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से सीधा सवाल किया कि **आखिर जनता को कब तक तारीखों, बैठकों और आश्वासनों के नाम पर इंतजार कराया जाएगा?**
पुल का निर्माण क्षेत्र की आवाजाही और ग्रामीणों की सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे में लंबे समय से लंबित मांग पर कार्रवाई न होना सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
### **आज भरदार ने सरकार को संदेश दे दिया—अब आश्वासन नहीं, पुल चाहिए!**
रुद्रप्रयाग की सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने सरकार को साफ संकेत दिया है कि यह मामला अब सिर्फ मांग-पत्रों तक सीमित नहीं रहने वाला। जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच सरकार के सामने चुनौती है कि वह इस मांग पर **ठोस और समयबद्ध कार्रवाई** करे।
भरदार की आवाज आज रुद्रप्रयाग से गूंजी—पुल दो, जवाब दो!
छह साल का इंतजार, अब नहीं चलेगा सरकार का आश्वासन!
भरदारी पुल पर जनता का महाआक्रोश—सड़कों से उठी आर-पार की लड़ाई की हुंकार!


