माणा पर मंडरा रहा नदी के कहर का खतरा! टूट चुके सीसी ब्लॉक, फिर भी सिस्टम बेखबर।

माणा पर मंडरा रहा नदी के कहर का खतरा! टूट चुके सीसी ब्लॉक, फिर भी सिस्टम बेखबर।
खबर शेयर करें:

माणा पर मंडरा रहा नदी के कहर का खतरा! टूट चुके सीसी ब्लॉक, फिर भी सिस्टम बेखबर।

भीमपुल से कुबेर नाला तक बाढ़ सुरक्षा का इंतजाम बदहाल, ग्राम प्रधान ने सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता को भेजा पत्र


**ज्योतिर्मठ/चमोली। देश के पहले गांव माणा को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर गांव की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अलकनंदा और सरस्वती नदी के किनारे बसे माणा गांव पर मानसून के दौरान बाढ़ और नदी कटाव का खतरा लगातार मंडरा रहा है। नदी तटों पर लगाए गए सीसी ब्लॉक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन अब तक मजबूत और स्थायी बाढ़ सुरक्षा की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है।


ग्राम प्रधान धर्मेंद्र चौहानने इस गंभीर मामले को लेकर सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र भेजकर भीमपुल से कुबेर नाला तक पूरे नदी तट का तत्काल सर्वे कराने और बाढ़ सुरक्षा के लिए ठोस योजना तैयार कर उसे स्वीकृत कराने की मांग की है।

ग्राम प्रधान ने पत्र में साफ किया है कि माणा की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है। अलकनंदा और सरस्वती नदी के किनारे बसे गांव में मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ जाता है। पूर्व में सिंचाई विभाग ने सुरक्षा के लिए सीसी ब्लॉक लगाए थे, लेकिन वर्तमान में ये पूरी तरह टूट-फूट चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि तेज बारिश के दौरान नदी ने विकराल रूप लिया तो गांव की सुरक्षा कौन करेगा?

घाट निर्माण से बढ़ सकता है खतरा!

मामला यहीं खत्म नहीं होता। ग्राम प्रधान ने सरस्वती नदी के दाएं तट पर केशवप्रयाग संगम क्षेत्र में प्रस्तावित घाट निर्माण को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि घाट निर्माण के बाद नदी के प्रवाह का दबाव बाएं तट की ओर बढ़ सकता है, जिससे माणा गांव के लिए खतरा और गंभीर हो सकता है।

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब नदी का स्वभाव और गांव की संवेदनशीलता पहले से सामने है, तो सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए बिना निर्माण कार्य आगे बढ़ाना कितना सुरक्षित है?

वाइब्रेंट विलेज की बात, लेकिन सुरक्षा इंतजाम सवालों में

केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत माणा को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन ग्राम प्रधान की मांग ने विकास के साथ-साथ बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीर भी सामने ला दी है।

ग्राम प्रधान ने विभाग से मांग की है कि मामले को कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए मौके पर विशेषज्ञों की टीम भेजकर तकनीकी सर्वे कराया जाए, संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया जाए और स्थायी बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए तत्काल बजट स्वीकृत किया जाए।


खबर पर प्रतिक्रिया दें 👇
खबर शेयर करें:

हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ें-

WhatsApp पर हमें खबरें भेजने व हमारी सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां लिंक पर क्लिक करें -

यहां क्लिक करें----->