सड़कें बंद, रास्ते ठप... फिर भी नहीं रुकेगा इलाज! चमोली में 5 सीएचसी पर 24 घंटे अलर्ट टीमें।
नीती घाटी में हेलिकॉप्टर से पहुंचाई गईं जरूरी दवाएं, बांपा-जेलम से स्वास्थ्य टीमें प्रभावित गांवों में भेजीं।
**गोपेश्वर।** चमोली जिले में लगातार बारिश के कारण जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त होने और कई क्षेत्रों में आवाजाही बाधित होने के बीच स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है। सड़क संपर्क टूटने की स्थिति में मरीजों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रैपिड रिस्पांस टीमें गठित कर 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है। वहीं, आपदा प्रभावित नीती घाटी में ग्रामीणों तक जरूरी दवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हेलिकॉप्टर की मदद ली है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चमोली के सीएचसी ज्योतिर्मठ, नंदानगर, गैरसैंण, थराली और पोखरीमें रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों का उद्देश्य सड़क बंद होने अथवा आपदा के कारण अस्पताल तक पहुंचने में देरी की स्थिति में मरीजों को उनके क्षेत्र में ही तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है। गंभीर मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर करने की व्यवस्था भी टीमों के जिम्मे होगी।
प्रत्येक रैपिड रिस्पांस टीम में एंबुलेंस के साथ चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और नर्सिंग ऑफिसर को शामिल किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
नीती घाटी में हेलिकॉप्टर से भेजी दवाएं
उधर, भारी बारिश और आपदा के कारण प्रभावित नीती घाटी के गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सड़क मार्ग बाधित होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी दवाओं की खेप हेलिकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों तक भेजी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव पालने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक औषधियां भेजी गई हैं। बांपा और जेलम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं। ये टीमें गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और जरूरत के अनुसार उपचार एवं दवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बारिश और सड़क संपर्क बाधित होने के बावजूद किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
सड़कें टूटीं तो बढ़ी चुनौती, अब गांव तक पहुंचेगा इलाज
चमोली के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़कें बंद होना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कई बार मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में घंटों लग जाते हैं। ऐसे में रैपिड रिस्पांस टीमों की तैनाती को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख करण सिंह ने कहा कि रैपिड रिस्पांस टीमों के गठन से आपदा अथवा सड़क बंद होने की स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था को केवल बरसात तक सीमित न रखते हुए स्थायी रूप से मजबूत किया जाना चाहिए।
बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग की यह व्यवस्था इसलिए भी अहम है क्योंकि सड़क संपर्क टूटने पर अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अब कोशिश यही है कि अस्पताल मरीज तक पहुंचे और इलाज रास्तों की मार में न फंसे।


