अपनी ही सरकार के खिलाफ ABVP का मोर्चा, पोखरी महाविद्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू।
सात सूत्रीय मांगों को लेकर छात्र आंदोलित, कॉलेज की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल।
**पोखरी।** छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में कथित देरी से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की पोखरी इकाई ने अब आंदोलन तेज कर दिया है। हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में सात सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल गया।
सबसे अहम बात यह है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद भाजपा से जुड़े छात्र संगठन ABVP को ही अपनी मांगों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे महाविद्यालय की व्यवस्थाओं और छात्र समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार और विभागीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छात्र नेता शिवम पंत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक छात्रहित से जुड़ी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ABVP की प्रमुख मांगों में महाविद्यालय में **NCC की स्थापना, M.Sc. कक्षाओं का संचालन, अंग्रेजी विषय के प्राध्यापक की नियुक्ति, NEP की पुस्तकों की उपलब्धता, पैदल मार्ग का सुधारीकरण, स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र एवं अंग्रेजी की कक्षाएं शुरू करना और स्थायी प्रवेश द्वार का निर्माण** शामिल है।
छात्रों का आंदोलन यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि यदि सरकारी महाविद्यालय में बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं के लिए छात्रों को भूख हड़ताल तक करनी पड़ रही है, तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है? सरकार और संबंधित विभाग के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश करती नजर आ रही है।
अब देखना होगा कि छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद शासन-प्रशासन इस मामले में गंभीरता दिखाता है या फिर मांगों को आश्वासनों के भरोसे ही टालने का सिलसिला जारी रहता है।


