बिना बारिश के ही ढह गया बदरीनाथ नेशनल हाईवे।
ग्राम प्रधान मीरा चौहान ने NH के घटिया निर्माण पर उठाए सुलगते सवाल, बड़े हादसे का डर।
चमोली (लामबगड़/खीरों):
चारधाम यात्रा के मुख्य मार्ग बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से एक बेहद डरावनी और एनएच की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। लामबगड़ के समीप जेपी कंपनी के पास बदरीनाथ मुख्य हाईवे का एक बड़ा हिस्सा रात को अचानक भरभराकर टूट गया। चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क का यह हिस्सा बिना किसी बारिश, भूस्खलन या नदी के कटाव के ही ध्वस्त हो गया। नीचे बह रही अलकनंदा नदी सड़क ऊपर है, जिससे यह साफ हो चुका है कि यह प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का नतीजा है।
बिना बारिश यह हाल है, तो मानसून में क्या होगा?' – ग्राम प्रधान मीरा चौहान
इस घटना पर गहरी चिंता और नाराजगी जताते हुए स्थानीय ग्राम सभा लामबगड़-खीरों की ग्राम प्रधान मीरा चौहान ने मौके से एक वीडियो जारी कर शासन-प्रशासन और NH (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों को सीधे कटघरे में खड़ा किया है।
ग्राम प्रधान मीरा चौहान ने कहा:
"यह सड़क मेरी ही ग्राम सभा के अंतर्गत आती है। कल रात यह मुख्य हाईवे बिना किसी बारिश के अचानक टूट गया। भगवान का शुक्र है कि रात के समय कोई बड़ा वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, वरना कोई भी अप्रिय घटना या बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। अभी देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों लोग इस मार्ग से गुजर रहे हैं। जब बिना बारिश के इस वीआईपी रोड का यह हाल है, तो सोचिए जब भारी बारिश का सीजन आएगा तो इस सड़क की क्या स्थिति होगी? यात्रियों की जान पूरी तरह खतरे में है।"
NHAI के दावों की खुली पोल, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
सड़क का इस तरह अचानक ढह जाना NH के कामों की गुणवत्ता (Quality) पर बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि हाईवे चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के नाम पर करोड़ों रुपए बहाए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर काम बेहद घटिया दर्जे का हो रहा है। सड़क टूटने का यह लाइव सबूत खुद बयां कर रहा है कि ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण मानकों को ताक पर रखा गया है।
शासन-प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्राम प्रधान मीरा चौहान ने उत्तराखंड सरकार, चमोली जिला प्रशासन और NH के उच्चाधिकारियों से इस पूरे मामले का तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा है कि:
इस बेहद संवेदनशील और खतरनाक हो चुके हिस्से की तुरंत मरम्मत करवाई जाए ताकि चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों की जान सुरक्षित रहे।
इस घटिया निर्माण कार्य की तुरंत एक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच (High-level Investigation) बैठाई जाए।
जनता और यात्रियों के जीवन को खतरे में डालने वाले दोषी ठेकेदारों और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदि प्रशासन ने इस पर तुरंत एक्शन नहीं लिया, तो आने वाले मानसून के दिनों में यह मार्ग किसी बड़े और भयानक हादसे का गवाह बन सकता है।



