धामी सरकार की नीतियों से कानून व्यवस्था हुई कमजोर, मुख्यमंत्री इस्तीफा दें : मनोज रावत
देहरादून/रुद्रप्रयाग।
कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक मनोज रावत ने कर्णप्रयाग और नगरासू की हालिया घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद के दौरान हुई हिंसा तथा नगरासू में गुरुद्वारे से जुड़े विवाद के बाद आरोपित व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक राज्य की सीमा तक छोड़े जाने की घटना ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
मनोज रावत ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी सीधे राज्य सरकार की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कानून व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है, जिससे प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या समूह पर अपहरण, सरकारी अधिकारियों से अभद्रता, कानून व्यवस्था भंग करने अथवा हिंसक गतिविधियों के आरोप हैं, तो उनके विरुद्ध निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और किसी भी प्रकार का विशेष व्यवहार जनता के बीच गलत संदेश देता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की कार्यशैली के कारण प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र असहज स्थिति में दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के निर्णयों से पुलिस और प्रशासन की साख को भी नुकसान पहुंचा है।
मनोज रावत ने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि प्रदेश की जनता निष्पक्ष शासन तथा कानून के समान अनुपालन की अपेक्षा रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।


