'स्मार्ट सिटी' की खुली पोल: एक घंटे की बारिश में डूबा देहरादून।
दावों के बीच सड़कों पर बहा समंदर।
देहरादून:
राजधानी देहरादून को 'स्मार्ट सिटी' बनाने के नगर निगम और जिला प्रशासन के बड़े-बड़े दावों की पोल मंगलवार को महज एक घंटे की बारिश ने खोल दी। सोमवार से जारी हल्की बूंदाबांदी के बाद मंगलवार को हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। प्रशासन की मॉनसून पूर्व तैयारियां धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हुईं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
पॉश इलाकों का बुरा हाल, रेंगते रहे वाहन
बारिश का सबसे बुरा असर शहर के वीआईपी और पॉश इलाकों में देखने को मिला। दून हॉस्पिटल और जीएमएस रोड जैसी मुख्य सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गईं। पानी का भराव इतना अधिक था कि राहगीरों का पैदल चलना दूभर हो गया। सड़कों पर घुटनों तक भरे पानी के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति बनी रही।
प्रशासन के दावे हवा-हवाई
हर साल मॉनसून से पहले नालों की सफाई और जलभराव से निपटने के लंबे-चौड़े वादे करने वाला नगर निगम इस बार भी नाकाम रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया गया होता, तो एक घंटे की बारिश में राजधानी का यह हाल नहीं होता।
2 जुलाई तक 'येलो अलर्ट', बढ़ेगी मुश्किलें
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में 2 जुलाई तक बारिश का यह दौर जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने 2 जुलाई के लिए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर समेत पांच जिलों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। ऐसे में अगर प्रशासन तुरंत हरकत में नहीं आया, तो आने वाले दिनों में दूनवासियों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।


