बादल फटने के बाद खिसका पूरा पहाड़।
7 जिलों का संपर्क टूटा, कई घर मलबे में तब्दील।
ईटानगर/लोअर सियांग:
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश से तबाही की बेहद डरावनी और विचलित करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और हाल ही में केयी पान्योर (Keyi Panyor) जिले के पूसा में हुए भीषण बादल फटने (Cloudburst) के बाद राज्य में अचानक बाढ़ (Flash Floods) और महा-भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई है। लोअर सियांग के सिजी (Siji) इलाके से सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पल भर में पूरा का पूरा पहाड़ ताश के पत्तों की तरह खिसककर नीचे आ गया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह जमींदोज हो गया है।
इस भीषण आपदा के कारण नेशनल हाईवे-13 (NH-13) का होज-पोटिन (Hoj-Potin) हिस्सा पूरी तरह से बह गया है या मलबे में दब गया है। यह मार्ग केंद्रीय और ऊपरी अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाली मुख्य जीवनरेखा (Lifeline) है। इसके टूटने से राज्य के 7 महत्वपूर्ण जिले शेष हिस्सों से पूरी तरह कट गए हैं। संपर्क से बाहर हुए जिलों में शामिल हैं।
केयी पान्योर (Keyi Panyor)
लोअर सुबनसिरी (Lower Subansiri)
अपर सुबनसिरी (Upper Subansiri)
कमले (Kamle)
कुरुंग कुमे (Kurung Kumey)
क्रा दादी (Kra Daadi)
भारत-चीन सीमा (Indo-China Border) के पास स्थित कुछ रणनीतिक क्षेत्र भी इस कट-ऑफ की चपेट में हैं।
इस आपदा में अब तक 3 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
केयी पान्योर में बने NEEPCO प्रोजेक्ट कॉलोनी के करीब 18 से अधिक आवासीय क्वार्टर और दर्जनों गाड़ियां मलबे और बाढ़ के तेज बहाव में तिनके की तरह बह गईं।
लोअर सियांग में हुए बड़े लैंडस्लाइड के कारण सिजी नदी (Siji River) का बहाव रुक गया है और वहां एक विशालकाय कृत्रिम झील बन गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि यह मलबे का बांध टूटा, तो निचले इलाकों और पड़ोसी राज्य असम (जहां इसे 'गेई नदी' कहा जाता है) में भीषण बाढ़ आ सकती है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू के निर्देश पर राज्य आपदा प्रबंधन (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों और वैज्ञानिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। लापता लोगों की खोज के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) और हाईवे विभाग की भारी मशीनें सड़कों से मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण काम में भारी रुकावट आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि कनेक्टिविटी को पूरी तरह बहाल होने में एक हफ्ते से अधिक का समय लग सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को नदी-नालों के पास न जाने और पहाड़ों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।


