मद्महेश्वर घाटी के रांसी में वाहन पर गिरा विशाल पत्थर।
रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की यात्रा के मुख्य पड़ाव रांसी गांव से एक डराने वाली खबर सामने आई है। यहां पहाड़ी से गिरे एक विशाल पत्थर की चपेट में आने से एक यात्री वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय वाहन के भीतर कोई भी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में भारी आक्रोश है।
मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 11 और 12 जून को मद्महेश्वर घाटी में तेज बारिश हुई थी। इसी दौरान रांसी गांव में खड़े उत्तर प्रदेश (UP) नंबर के एक यात्री वाहन पर अचानक पहाड़ी से भारी भरकम बोल्डर आ गिरा। बताया जा रहा है कि यह वाहन मद्महेश्वर ट्रेक पर गए श्रद्धालुओं का था। पत्थर गिरने से वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है। यदि घटना के समय गाड़ी में लोग सवार होते, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।
इस हादसे ने रांसी क्षेत्र की चरमराई पार्किंग व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय टैक्सी चालकों और वाहन स्वामियों का कहना है कि रांसी में सुरक्षित पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। पार्किंग स्थल न होने के कारण मजबूरी में यात्रियों और चालकों को अपने वाहन सड़क किनारे या पहाड़ों के ठीक नीचे संवेदनशील जगहों पर खड़े करने पड़ते हैं। इन जगहों पर हमेशा भूस्खलन (Landslide) और पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा मंडराता रहता है।
स्थानीय ग्रामीण एवं बद्री केदार मंदिर समिति के पूर्व सदस्य शिवासिह रावत का कहना है कि मानसून की दस्तक के साथ ही यह समस्या और अधिक जानलेवा हो जाती है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि रांसी में जल्द से जल्द एक सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित किया जाए। साथ ही, संवेदनशील पहाड़ियों पर सुरक्षात्मक जाल (Safety Netting) या अन्य उपाय किए जाएं।गौरतलब है कि हर साल मद्महेश्वर यात्रा के दौरान देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक रांसी पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन को पार्किंग और आपदा प्रबंधन से जुड़े स्थायी समाधान ढूंढने की सख्त जरूरत है।


