सैनिक के परिवार की सुरक्षा पर उठे सवाल।
पूर्व विधायक मनोज रावत ने NH की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी।
रुद्रप्रयाग/अगस्त्यमुनि। केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने अगस्त्यमुनि बाईपास निर्माण से प्रभावित एक सैनिक के परिवार की समस्या को गंभीर बताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक निश्चिंत होकर अपनी जिम्मेदारी निभा सके, इसके लिए राज्य की जिम्मेदारी है कि उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मनोज रावत ने बताया कि जयकंडी निवासी सैनिक कुलदीप वर्तमान में सियाचिन में देश की सेवा कर रहे हैं, जबकि अगस्त्यमुनि स्थित उनके आवास पर बाईपास निर्माण के दौरान बनाई गई जल निकासी व्यवस्था के कारण बरसात का पानी और मलबा सीधे घर में घुस रहा है। उन्होंने कहा कि 24 जून की रात अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद सैनिक के परिवार को पूरी रात भय और असुरक्षा के माहौल में बितानी पड़ी।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि बाईपास निर्माण के दौरान प्राकृतिक जल निकासी की अनदेखी की गई और पूरा पानी एक ही स्थान से छोड़ दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों के मकानों पर संकट खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पूर्व में भी प्रशासन को आगाह किया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मनोज रावत ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिससे लोगों की जान-माल सुरक्षित रहे। यदि इंजीनियरिंग मानकों का सही ढंग से पालन किया जाता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि सैनिक के परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल स्थायी समाधान कराया जाए, क्षतिग्रस्त परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए तथा बाईपास निर्माण में हुई कथित तकनीकी लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि "जो सैनिक सियाचिन की कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहा है, उसके परिवार को अपने ही घर में असुरक्षित महसूस करना किसी भी संवेदनशील समाज और सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।"


