मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यात्रा मार्गों और पड़ाव स्थलों पर सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्य सामग्री, पैदल मार्ग, पार्किंग, शौचालय, संचार, स्वच्छता और सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में विशेष रूप से कर्णप्रयाग–नोटी–पैठाणी, नन्दानगर–रामणी, थराली–मुन्दोली–वाण तथा ग्वालदम–नन्दकेसरी सड़क मार्गों के साथ ही राजजात के सभी पैदल मार्गों के सुधारीकरण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से रीप (REAP) के माध्यम से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में नन्दा देवी राजजात समिति के प्रतिनिधियों ने यात्रा की तैयारियों, आधारभूत सुविधाओं और निर्माण कार्यों को लेकर अपने सुझाव रखे। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला पर्यटन अधिकारी अरविन्द गौड़, नन्दा देवी राजजात समिति के पदाधिकारी भुवन नौटियाल, कर्नल हरेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।


