चोपता की बदहाल व्यवस्था पर फूटा जनाक्रोश।
15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो आमरण अनशन।
सरकार-प्रशासन को जनप्रतिनिधियों की चेतावनी।
रुद्रप्रयाग। विकासखंड अगस्त्यमुनि के तल्लानागपुर क्षेत्र स्थित चोपता बाजार की वर्षों पुरानी मूलभूत समस्याओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं और विकास कार्यों में हो रही देरी से नाराज जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
चोपता बाजार तल्लानागपुर क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक और सामाजिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन आसपास की कई ग्राम सभाओं से हजारों लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद आज तक बाजार में पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार की घोषणाएं और योजनाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
जिला पंचायत सदस्य संपन्न नेगी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में अधूरे पॉलीटेक्निक भवन का निर्माण जल्द पूरा कराने, स्वीकृत पार्किंग निर्माण शुरू कराने, तल्लानागपुर पेयजल फेस-2 योजना को पूरा करने तथा तल्लानागपुर–तुंगनाथ पेयजल योजना के पुनर्गठन की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित इन परियोजनाओं की अनदेखी के कारण क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि चोपता पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण यहां की मूलभूत समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग आमरण अनशन शुरू करेंगे।
अब निगाहें शासन और प्रशासन पर टिकी हैं कि वह जनप्रतिनिधियों की चेतावनी को गंभीरता से लेकर विकास कार्यों में तेजी लाता है या फिर क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति बनती है।


