श्री केदारनाथ धाम के पूर्व मुख्य पुजारी गुरुलिंग जी महाराज लिंगैक्य।
लगभग 80 वर्ष की उम्र में बेंगलुरु में ली अंतिम सांस, करीब चार दशक तक बाबा केदारनाथ की सेवा में रहे।
**केदारनाथ/बेंगलुरु।** श्री केदारनाथ धाम की पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं से जुड़े परिवार के लिए अत्यंत दुःखद समाचार सामने आया है। **श्री केदारनाथ जी के पूर्व मुख्य पुजारी, वेद मूर्ति गुरुलिंग जी महाराज हीरेमठ लिंगैक्य हो गए।** उन्होंने बीती रात करीब **12:50 बजे बेंगलुरु में अंतिम सांस ली।** वे लगभग 80 वर्ष के थे।
गुरुलिंग जी महाराज ने वर्ष **1970-71 में श्री केदारनाथ मंदिर प्रतिष्ठान में पुजारी के रूप में सेवा शुरू की थी।** करीब चार दशकों तक उन्होंने बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना करते हुए पुजारी और मुख्य पुजारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
गुरुलिंग जी महाराज **वीरशैव लिंगायत जंगम हीरेमठ परंपरा** से जुड़े थे। उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी भी श्री केदारनाथ जी की सेवा परंपरा से जुड़ी हुई है।
उनके ज्येष्ठ पुत्र **श्री शिव शंकर लिंग जी महाराज हीरेमठ** वर्तमान में श्री केदारनाथ प्रतिष्ठान के वरिष्ठ मुख्य पुजारियों में शामिल हैं और इस वर्ष श्री मध्यमहेश्वर जी में पुजारी के रूप में सेवा दे रहे हैं।
गुरुलिंग जी महाराज के सुपुत्र **मृत्युंजय लिंग जी महाराज** भी शिवभक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय थे, जिनका कुछ वर्ष पूर्व अल्पायु में ही लिंगैक्य होना परिवार और भक्तों के लिए गहरा आघात था।
गुरुलिंग जी महाराज का परिवार श्री केदारनाथ धाम की परंपरा से लंबे समय से जुड़ा रहा है। उनके दादा के भाई **1008 श्री श्री श्री शांत लिंग जी महाराज** श्री केदारनाथ जी के पूर्व रावल रहे थे। उनके कार्यकाल के दौरान ही श्री केदारनाथ मंदिर प्रतिष्ठान का प्रशासन रावल जी के हाथों से श्री बद्रीनाथ मंदिर समिति को हस्तांतरित हुआ था।
उनके द्वितीय सुपुत्र **श्री शांतेश्वर हीरेमठ** उत्तराखंड सरकार के आयुर्वेद विभाग में चिकित्सक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि सबसे छोटे पुत्र **श्री उमेश्वर हीरेमठ** बेंगलुरु में कार्यरत हैं।
अंतिम संस्कार मूल गांव में
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुलिंग जी महाराज का **अंतिम संस्कार एवं क्रिया-समाधि उनके मूल निवास चिक्कबागेवाड़ी, बेलगाम जिला, कर्नाटक में कल शाम तक किया जाएगा।
गुरुलिंग जी महाराज के निधन से श्री केदारनाथ धाम की धार्मिक परंपरा से जुड़े लोगों और उनके अनुयायियों में शोक की लहर है।
**बाबा केदारनाथ से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार और उनके सभी भक्तों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।।


