धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कूलागाड़ पुल को भारी नुकसान।
रास्ता बंद होने की नौबत,BRO ने शुरू किया डायवर्जन।
पत्थर-बोल्डर गिरने से पुल क्षतिग्रस्त, हजारों यात्रियों की आवाजाही पर संकट; शाम तक वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का दावा।
पिथौरागढ़। पहाड़ों में लगातार बढ़ते खतरे के बीच धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को बड़ा संकट खड़ा हो गया। पत्थरों और भारी बोल्डरों की चपेट में आने से कूलागाड़ पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात व्यवस्था चरमराने की स्थिति पैदा हो गई।
पुल को नुकसान पहुंचने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) हरकत में आया और टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुल की स्थिति को देखते हुए मार्ग पर यातायात सुचारू रखने के लिए अब डायवर्जन तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
BRO के अनुसार, डायवर्जन का काम बुधवार शाम तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद यातायात को वैकल्पिक रास्ते से संचालित करने की कोशिश की जाएगी।
एक पुल क्षतिग्रस्त, पूरी आवाजाही पर लटका खतरा!
धारचूला-तवाघाट मार्ग सीमांत क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में कूलागाड़ पुल को नुकसान पहुंचना महज सड़क बाधित होने का मामला नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर बड़ा दबाव माना जा रहा है। पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों और बोल्डरों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल सभी की नजर BRO के डायवर्जन कार्य पर है। डायवर्जन तैयार होने तक इस मार्ग पर आवाजाही को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।


