घने कोहरे और भारी बारिश के बीच SDRF ने सरस्वती नदी पार फंसे 15 ट्रैकर्स को सुरक्षित निकाला ।
चमोली। चमोली जिले में बद्रीनाथ के समीप मुछुकुंद गुफा के ऊपरी क्षेत्र "मूसा पानी" में रास्ता भटके 15 सदस्यीय ट्रैकिंग दल के लिए SDRF और ITBP के जवान देवदूत बनकर सामने आए। घने कोहरे, कड़कड़ाती ठंड, अंधेरे और लगातार हो रही बारिश के बीच संयुक्त टीम ने करीब डेढ़ घंटे के बेहद कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी ट्रैकर्स को सकुशल बचा लिया है ।
ट्रैकिंग कंपनी: ड्रोन एडवेंचर ट्रैकिंग कंपनी, जोशीमठ।
दल के लीडर: श्री नरेंद्र सिंह रावत।
04 जून 2026 को घमसाली से बद्रीनाथ के लिए रवाना हुए थे
"मूसा पानी" (सरस्वती नदी के पार) के पास अचानक मौसम खराब होने, घने कोहरे और अंधेरे के कारण दल रास्ता भूल गया ।
ITBP के जवानों ने सुनी आवाज
रास्ता भटकने के बाद डरे हुए ट्रैकर्स टॉर्च जलाकर और चिल्लाकर मदद की गुहार लगा रहे थे ।क्षेत्र में गश्त कर रहे ITBP के जवानों ने जब यह हलचल देखी, तो उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया, जिसके बाद बद्रीनाथ थाने से SDRF को सूचना दी गई ।
SDRF का जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही SDRF आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत मौके के लिए रवाना हुई ,दुर्गम पर्वतीय मार्ग और भारी बारिश के बीच टीम ने टॉर्च, सीटी और आवाज के जरिए नदी पार फंसे ट्रैकर्स से संपर्क साधा ।डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जवान ट्रैकर्स तक पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाया ।
ट्रैकिंग दल में शामिल 75 वर्षीय बुजुर्ग श्री उदय प्रांजल को पैर में तकलीफ और थकान के कारण चलने में बेहद कठिनाई हो रही थी , SDRF के जवानों ने उन्हें पूरे रास्ते विशेष मानवीय सहारा और सुरक्षा देते हुए सुरक्षित 'माना' गांव तक पहुंचाया।
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ट्रैकिंग कंपनी के संचालक नरेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड SDRF और ITBP की त्वरित कार्रवाई, अदम्य साहस और मानवीय सेवा भावना की दिल से सराहना करते हुए पूरी टीम का आभार जताया है ।


