गंगा की तेज धारा में बहे छत्तीसगढ़ के बुजुर्ग, नवीन पोखरिया ने बचाई जान।
पुरोहितों ने किया सम्मानित।
(उत्तरकाशी):गंगोत्री धाम में चारधाम यात्रियों की सुरक्षा के लिए SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) द्वारा की गई एडवांस तैयारियां आज एक बुजुर्ग श्रद्धालु के लिए वरदान साबित हुईं। एक जांबाज SDRF जवान की मुस्तैदी और बहादुरी के कारण गंगा नदी के तेज बहाव में बह रहे 77 वर्षीय बुजुर्ग को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस साहसिक कार्य के लिए गंगोत्री धाम के पुरोहितों ने जवान को सम्मानित भी किया।
स्नान के दौरान पैर फिसलने से हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, आज 11 जून 2026 को गंगोत्री घाट पर स्नान करने के दौरान छत्तीसगढ़ निवासी बुजुर्ग श्रद्धालु चंद्रहास सिंह (उम्र 77 वर्ष) का अचानक पैर फिसल गया। पैर फिसलते ही वह भागीरथी (गंगा) नदी के बेहद तेज और ठंडे बहाव की चपेट में आ गए और बहने लगे।
सुरक्षा रोप बनी मददगार।
SDRF ने किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए घाट पर पहले से ही सुरक्षा रोप (Safety Rope) लगाई हुई थी। नदी की तेज धारा में बहने के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालु ने सूझबूझ दिखाते हुए उस सुरक्षा रोप को मजबूती से पकड़ लिया, जिससे वह पानी के तेज बहाव में आगे बहने से रुक गए।
जवान नवीन पोखरिया ने नदी में कूदकर बचाई जान।
घाट पर मुस्तैद SDRF जवान नवीन पोखरिया ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी की तेज धारा में छलांग लगा दी। जवान ने अदम्य साहस और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए सुरक्षा उपकरणों की मदद से बुजुर्ग श्रद्धालु तक पहुंच बनाई और उन्हें सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया।
पुरोहित समाज ने किया सम्मानित, सेनानायक ने थपथपाई पीठ।
इस जांबाजी को देखकर घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता ने SDRF जवान की जमकर तारीफ की। जवान नवीन पोखरिया के इस अदम्य साहस से अभिभूत होकर गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।वहीं, SDRF के सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने जवान नवीन पोखरिया की सराहना करते हुए कहा, "SDRF के जवान हमेशा सेवा, सुरक्षा और समर्पण की भावना से काम करते हैं। नवीन द्वारा दिखाई गई सतर्कता और साहस हमारी पेशेवर दक्षता का बेहतरीन उदाहरण है।



