बाड्यूं (वाडी) गांव में आतंक का पर्याय बना आदमखोर गुलदार ढेर, प्रसिद्ध शिकारी जॉय हुकिल का बना 50वां शिकार।
घटनास्थल: बाड्यूं (वाडी) गांव, कोट ब्लॉक, पौड़ी गढ़वालबड़ी कामयाबी: मशहूर शिकारी जॉय हुकिल ने आदमखोर गुलदार को मौके पर मार गिरायाऐतिहासिक रिकॉर्ड: जॉय हुकिल के शिकार के करियर का यह 50वां आदमखोर वन्यजीव (गुलदार/बाघ) हैराहत: गुलदार के खात्मे से ग्रामीणों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा टलामुख्य समाचार
पौड़ी: गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज के बाड्यूं (वाडी) गांव में बीते दिनों एक महिला को अपना निवाला बनाने वाले खूंखार आदमखोर गुलदार का आखिरकार अंत हो गया है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध शिकारी जॉय हुकिल ने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर इस खतरनाक गुलदार को अपनी गोली से मौके पर ही ढेर कर दिया। इस आदमखोर के मारे जाने के बाद पिछले कई दिनों से खौफ के साए में जी रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाड्यूं गांव में महिला प्रभा देवी की जान लेने के बाद इस गुलदार को वन विभाग द्वारा आदमखोर घोषित किया गया था, जिसके बाद इसकी हरकतों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में जाल बिछाया गया। वन्यजीव को ढेर करने की जिम्मेदारी मशहूर शिकारी जॉय हुकिल को सौंपी गई थी।बीती रात जैसे ही यह गुलदार दोबारा आबादी और इंसानी बस्ती की तरफ बढ़ने लगा, तभी जॉय हुकिल ने बिना वक्त गंवाए सटीक निशाना साधते हुए इसे गोली मार दी।
मौके पर मौजूद लोगों और वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जॉय हुकिल समय रहते इस गुलदार को ढेर नहीं करते, तो यह गांव के कई अन्य ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर सकता था या किसी और की जान ले सकता था।जॉय हुकिल ने पूरा किया आदमखोरों के शिकार का 'अर्धशतक'इस गुलदार के खात्मे के साथ ही शिकारी जॉय हुकिल के नाम एक बड़ा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष (Man-Animal Conflict) के इतिहास में यह गुलदार जॉय हुकिल का 50वां शिकार बना है। जॉय हुकिल अब तक उत्तराखंड के विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुके 50 आदमखोर गुलदारों और बाघों को ढेर कर हजारों मासूम इंसानों की जान बचा चुके हैं।गांव में जश्न और राहत का माहौलगुलदार के मारे जाने की खबर सुबह जैसे ही बाड्यूं और आसपास के गांवों में फैली, भारी संख्या में ग्रामीण राहत की सांस लेने के लिए एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने इस खतरनाक आदमखोर से निजात दिलाने के लिए शिकारी जॉय हुकिल और वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया है। हालांकि, वन विभाग ने अभी भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को रात के समय अकेले बाहर न निकलने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।


