विपरीत मौसम और पत्थरों की बारिश के बीच देवदूत बने SDRF कुक यशपाल।
घायल तीर्थयात्रियों की बचाई जान।
रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड), 10 जून 2026
श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर आज प्रकृति के रौद्र रूप और जानलेवा पत्थरों की बारिश के बीच मानवता की एक बेमिसाल मिसाल देखने को मिली। छोटी लिनचोली क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि के दौरान गहरी खाई में गिरे दो तीर्थयात्रियों को बचाने के लिए SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) के एक रसोइया (कुक) ने अपनी जान की बाजी लगा दी। बिना किसी आधिकारिक आदेश का इंतजार किए, उन्होंने आपदा प्रबंधन टीम के साथ मिलकर एक अत्यंत दुर्गम रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
बुधवार को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पिलर संख्या-340 के पास दो यात्रियों के खाई में गिरने की आपातकालीन सूचना मिली। खबर मिलते ही लिनचोली SDRF की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई। घटना स्थल पर फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) के 26 वर्षीय प्रियांशु शुक्ला गंभीर रूप से घायल और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में थे। वहीं, दिल्ली के 27 वर्षीय मोहित भी घायल अवस्था में कुछ दूरी पर मदद के लिए पुकार रहे थे।
मौसम बेहद खराब था और पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लिनचोली कैंप में तैनात SDRF के कुक यशपाल सिंह ने स्वेच्छा से इस खतरनाक अभियान में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पत्थरों की बौछार के बीच खाई में उतरकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्राथमिक उपचार के बाद घायल मोहित को छोटी लिनचोली चिकित्सा केंद्र से गौरीकुंड हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि प्रियांशु शुक्ला को भी SDRF और YMF की संयुक्त टीम द्वारा अस्पताल पहुँचाया गया।


