अगस्त्यमुनि बाईपास निर्माण बना खतरे की घंटी, शहर के ऊपर “बरसाती बम” रख दिया गया है : मनोज रावत

अगस्त्यमुनि बाईपास निर्माण बना खतरे की घंटी, शहर के ऊपर “बरसाती बम” रख दिया गया है : मनोज रावत
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अगस्त्यमुनि बाईपास निर्माण बना खतरे की घंटी, शहर के ऊपर “बरसाती बम” रख दिया गया है : मनोज रावत


रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि। केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने अगस्त्यमुनि में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) बाईपास कार्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि मानसून पूर्व हुई बारिश ने ही निर्माण कार्य की खामियों और संभावित खतरे को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाईपास निर्माण से निकले मलबे के कारण अगस्त्यमुनि मंदिर के ऊपर स्थित खेती की भूमि और भवनों को भारी नुकसान पहुंचा है।



मनोज रावत ने कहा कि कस्बे के ठीक ऊपर चौंड क्षेत्र में भट्ट परिवार की भूमि को एनएच विभाग द्वारा मलबा डंपिंग जोन के रूप में उपयोग किया गया था। प्रभावित परिवार द्वारा मामला उनके संज्ञान में लाने पर उन्होंने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्कालीन जिलाधिकारी प्रतीक जैन से मुलाकात की थी। जिलाधिकारी ने उस समय डंपिंग जोन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।



उन्होंने कहा कि उस समय ही चेतावनी दी गई थी कि पहली ही बारिश अगस्त्यमुनि के लिए परेशानी का कारण बनेगी और अब मानसून पूर्व हुई बारिश से हुए नुकसान ने उन आशंकाओं को सही साबित कर दिया है।



पूर्व विधायक ने बताया कि उन्होंने जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह कंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र गोस्वामी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीश गुसाईं, पूर्व पार्षद भूपेंद्र राणा ‘गोल्डी’, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीपा देवी, रजनी देवी तथा अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ बाईपास क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनएच के अधिशासी अभियंता से भी वार्ता की, लेकिन उनका कहना है कि विभाग अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।


मनोज रावत ने कहा कि अगस्त्यमुनि शहर के ऊपर एनएच ने बाईपास के रूप में एक “बरसाती बम” रख दिया है, जो किसी भी समय बड़ी आपदा का कारण बन सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई सुरक्षा दीवारों में अभी से दरारें आ गई हैं और उनका टूटना तय है। उनके अनुसार ये दीवारें इंजीनियरिंग मानकों का मजाक बनकर रह गई हैं और इनके ध्वस्त होने पर भारी मात्रा में मलबा सीधे शहर की ओर आएगा।

उन्होंने अगस्त्यमुनि के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस विषय पर गंभीर मंथन कर शहर की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल निर्माण गुणवत्ता का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है, जिस पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।

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