राजौरी में ऑपरेशन के दौरान उत्तराखंड का लाल शहीद।
अल्मोड़ा के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने दी सर्वोच्च बलिदान की आहुति।
अल्मोड़ा/राजौरी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से उत्तराखंड के लिए बेहद दुखद समाचार सामने आया है। अल्मोड़ा निवासी 24 वर्षीय युवा सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। उनके शहीद होने की खबर से पूरे उत्तराखंड, विशेषकर अल्मोड़ा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजौरी के डोरी माल जंगल क्षेत्र में आतंकवादियों की तलाश के लिए भारतीय सेना द्वारा विशेष अभियान "ऑपरेशन शेरूवाली" चलाया जा रहा था। इसी अभियान के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी अपनी टीम के साथ तैनात थे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में अभियान के दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथी जवानों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन वह मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए।
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की रानीखेत तहसील के बगवालीपोखर क्षेत्र के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में अल्मोड़ा के पांडेखोला क्षेत्र में निवास करता है। कम उम्र में सेना में अधिकारी बनकर उन्होंने अपने परिवार और पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया था।
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने भी उनके बलिदान पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। सेना के अधिकारियों ने कहा कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा सदैव देशवासियों और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
बताया जा रहा है कि शहीद अधिकारी का पार्थिव शरीर जल्द ही अल्मोड़ा लाया जाएगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
फास्ट तक न्यूज़ परिवार शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। राष्ट्र उनके सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।


