केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में लगी आग, पेपर लीक विवाद के बीच कांग्रेस ने उठाए सवाल।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में लगी आग, पेपर लीक विवाद के बीच कांग्रेस ने उठाए सवाल।
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 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में लगी आग, पेपर लीक विवाद के बीच कांग्रेस ने उठाए सवाल।


नई दिल्ली, 1 जून।

राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच रविवार को दिल्ली के आईटीओ क्षेत्र स्थित केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय परिसर में आग लगने की घटना सामने आई। आग मंत्रालय के उस कार्यालय में लगी जो स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) परिसर में संचालित होता है। घटना के बाद मौके पर दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहुंची तथा आग पर काबू पाने के लिए अभियान चलाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार सुबह लगभग 9:37 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद आठ दमकल वाहनों को मौके पर भेजा गया। आग प्रशासनिक भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरों में लगी बताई गई। आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जा रही है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था पहले से ही NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। हाल ही में केंद्र सरकार को NEET-UG परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित करने की घोषणा करनी पड़ी थी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के बाद सख्त सुरक्षा उपायों और “जीरो टॉलरेंस” नीति की बात कही थी।

इसी बीच कांग्रेस ने आग की घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि शिक्षा मंत्रालय से जुड़े दफ्तर में आग लगना ऐसे समय में हुआ है जब परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और कथित शिक्षा माफिया को लेकर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं। कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं और संगठनों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कांग्रेस पहले से ही NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर हमलावर है। पार्टी नेताओं ने हाल की प्रेस कॉन्फ्रेंसों और विरोध प्रदर्शनों में आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता कमजोर हुई है तथा लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस और उसके छात्र संगठन NSUI ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

फिलहाल आग की घटना और परीक्षा विवाद के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि किसी सरकारी एजेंसी द्वारा नहीं की गई है। हालांकि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।

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