आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
, देहरादून, उत्तराखंड। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ से जुड़े डॉक्टर के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना और कार्य बहिष्कारपर चले गए हैं जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वस्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।
स्थायी निदेशक की नियुक्ति ।
विभाग में लंबे समय से खाली पड़े निदेशक के पद पर स्थायी नियुक्ति की जाए।
पदोन्नति (प्रमोशन): वरिष्ठ डॉक्टरों की समयबद्ध पदोन्नति प्रक्रिया को तुरंत शुरू किया जाए।
अधिकारियों को वित्तीय अधिकार: पर्वतीय और दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात चिकित्सा अधिकारियों को वित्तीय अधिकार सौंपे जाएं ताकि स्थानीय स्तर पर काम न रुके।
ढांचागत सुधार: आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सालयों में बुनियादी सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता सुधारी जाए।
जनता पर असर ओपीडी सेवाएं ठप: हड़ताल के कारण सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।मरीजों की परेशानी: दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ रहा है।आपातकालीन सेवाएं: डॉक्टरों का कहना है कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


