पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, पगनों गांव के विस्थापन और मुआवजे की मांग को लेकर जिलाधिकारी से की मुलाकात।
चमोली (जोशीमठ)। ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) विकासखंड के अंतर्गत आपदा की मार झेल रहे पगनों गांव के प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जनप्रतिनिधि और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी आगे आए हैं। सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चमोली के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात की और आपदा प्रभावितों के विस्थापन तथा काश्तकारी भूमि के नुकसान के मुआवजे की पुरजोर मांग की।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि पगनों गांव के कई परिवार आपदा के कारण बेहद संवेदनशील और खतरनाक स्थिति में जी रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि इन आपदा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
राजेंद्र भंडारी ने जिलाधिकारी का ध्यान ग्रामीणों की आजीविका की ओर खींचते हुए कहा कि आपदा के कारण ग्रामीणों की उपजाऊ काश्तकारी भूमि (खेती योग्य जमीन) को भारी नुकसान पहुंचा है। भूमि के नष्ट होने से ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित काश्तकारों की जमीनों का तुरंत उचित मूल्यांकन कराया जाए और उन्हें जल्द से जल्द सरकारी नियमों के तहत पर्याप्त मुआवजा राशि दी जाए।
मुलाकात के दौरान क्षेत्र के अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी जिलाधिकारी को पगनों गांव की जमीनी हकीकत और प्रशासनिक ढिलाई से आ रही दिक्कतों से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों की मांगों को बेहद गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि पगनों गांव के आपदा प्रभावितों के विस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। साथ ही, कृषि भूमि के नुकसान का आकलन करवाकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्दे


