उफनती लहरों के बीच जिंदगी की जंग, आधी रात को मुंबई के 2 युवकों का हैरत अंगेज रेस्क्यू।
उत्तरकाशी: अचानक बढ़ा भागीरथी का जलस्तर, टापू पर फंसे मुंबई के दो पर्यटकों के लिए देवदूत बनी SDRF, भागीरथी नदी के तेज बहाव में फंसे 2 युवकों को SDRF ने सुरक्षित निकाला, रात के अंधेरे में SDRF का साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन,
उत्तरकाशी, 24 मई 2026:उत्तरकाशी क्षेत्र में भागीरथी नदी के बीच बने एक टापू पर अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण दो युवक फंस गए . रात का समय होने और नदी की रफ्तार तेज होने की वजह से दोनों खुद बाहर निकलने में पूरी तरह असमर्थ थे
रात करीब 9:00 बजे जिला नियंत्रण कक्ष (DCR) के माध्यम से SDRF टीम (उजेली) को घटना की जानकारी मिली, सूचना मिलते ही मुख्य आरक्षी दुर्गेश रतूड़ी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम बिना वक्त गंवाए आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गई . अंधेरा और बेहद कम दृश्यता (Visibility) के कारण यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा था .
SDRF के जवानों ने अपनी पेशेवर कुशलता का परिचय देते हुए नदी के ऊपर 'रोप रेस्क्यू' (रस्सी) तकनीक का सेटअप तैयार किया . लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से जवान उफनती नदी को पार कर टापू तक पहुंचे , वहां काफी समय से मदद का इंतजार कर रहे दोनों युवकों को सुरक्षा कवच पहनाया गया और बेहद सावधानी से नदी की मुख्य धारा से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
सफल रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाले गए दोनों युवकों की पहचान मुंबई के मलाड निवासी कृष्णा दुबे (24 वर्ष) और कृष्णा माली (24 वर्ष) के रूप में हुई है . सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद प्रशासन द्वारा उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की गई है
SDRF और स्थानीय पुलिस ने आम जनता व तीर्थयात्रियों से अपील की है कि पहाड़ों में लगातार बदल रहे मौसम और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारों पर जाने से बचें . किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या SDRF को सूचित करें।


