पंच प्यारों की अगुवाई में रवाना हुआ श्री हेमकुण्ड साहिब यात्रा का पहला जत्था, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम।
आस्था, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण के बीच सिक्ख श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज गोविन्दघाट से पवित्र श्री हेमकुण्ड साहिब के लिए रवाना हुआ। पंच प्यारों की अगुवाई, पावन निशान साहिब और बैण्ड-बाजों की मधुर धुनों के साथ श्रद्धालुओं ने “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों के बीच यात्रा का शुभारम्भ किया।
गोविन्दघाट में सुबह से ही धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रथम जत्थे का स्वागत किया। सिक्ख परंपरा के अनुसार पंच प्यारों ने जत्थे की अगुवाई करते हुए श्रद्धालुओं को सेवा, साहस और समर्पण का संदेश दिया।
यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन एवं चमोली पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। सम्पूर्ण यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया है तथा पहले जत्थे के साथ विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला जत्था आज रात्रि घांघरिया स्थित गुरुद्वारे में विश्राम करेगा। इसके बाद 23 मई की सुबह श्रद्धालु अंतिम पड़ाव की ओर प्रस्थान करेंगे।
परंपरानुसार, प्रथम जत्थे के पवित्र धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान और अरदास के साथ श्री हेमकुण्ड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ आधिकारिक रूप से खोल दिए जाएंगे।




