अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के ₹4.80 करोड़ घोटाले का मुख्य आरोपी पूर्व मैनेजर गिरफ्तार।
देहरादून। पुलिस ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में हुए करोड़ों रुपये के बहुचर्चित लोन घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) को गिरफ्तार कर लिया है आरोपी अभियुक्त महावीर सिंह उम्र: 74 वर्ष, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक निवासी: बाबा विहार, तपोवन रोड, नालापानी चौक, देहरादून ने अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाया था ।
फोरेंसिक ऑडिट में खुला राजबैंक प्रबंधन द्वारा कराए गए फोरेंसिक ऑडिट में इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच बैंक के लेखा अभिलेखों और लेजर प्रविष्टियों में भारी हेरफेर की गई थी।
तत्कालीन मैनेजर महावीर सिंह ने बैंक के ही कुछ अन्य कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज (कूटरचित प्रविष्टियां) तैयार किए और करोड़ों रुपये का गबन कर लिया।जेसीबी मशीनों के नाम पर ₹4.80 करोड़ का फर्जी लोनपुलिस विवेचना में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 20 जेसीबी (JCB) मशीनें खरीदने के नाम पर फर्जी कागजात तैयार किए थे ,
इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ₹4 करोड़ 80 लाख का भारी-भरकम लोन स्वीकृत कराया गया और बाद में इस पूरी धनराशि का बंदरबांट कर दुरुपयोग किया गया।
दर्ज हुआ था मुकदमाइस महाघोटाले को लेकर बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम ने देहरादून के कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी ,पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
कोतवाली नगर पुलिस ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी महावीर सिंह को दबोच लिया है , पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों और बैंक कर्मियों के खिलाफ भी सबूत जुटाए जा रहे हैं , जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य दोषियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ।


