कंडारा वार्ड और क्यूंजा घाटी में गहराया स्वास्थ्य संकट।

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कंडारा वार्ड और क्यूंजा घाटी में गहराया स्वास्थ्य संकट।

वादे भूल गए मुख्यमंत्री धामी, 25 हजार जनता एम्बुलेंस को तरसी।


अगस्त्यमुनि/रुद्रप्रयाग।उत्तराखंड सरकार के 'सेवा, सुशासन और समर्पण' दावों के बीच केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की जनता का आक्रोश फूट पड़ा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उपचुनाव के दौरान चंद्रनगर और क्यूंजा घाटी की जनता से किए गए बड़े-बड़े वादे आज भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं।


 क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि चुनाव बीत जाने के बाद सरकार क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को पूरी तरह भूल चुकी है।

 कंडारा वार्ड और क्यूंजा घाटी के करीब 20 से 25 हजार लोग आज भी एक अदद बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए तरस रहे हैं। 


बेहद शर्मनाक स्थिति यह है कि इतने बड़े क्षेत्र के लिए आज तक एक भी स्थायी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। किसी भी आपातकालीन स्थिति या एक्सीडेंट होने पर एम्बुलेंस को 35 से 40 किलोमीटर दूर से बुलाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों की जान पर बन आती है।

 मुख्यमंत्री ने उपचुनाव में चंद्रनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के उच्चीकरण और स्थानीय खेल मैदान के विकास का वादा किया था, जो आज भी अधूरा है। स्थानीय जनता ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब केवल नारों और कार्यक्रमों का समय नहीं, बल्कि वादों को धरातल पर उतारने का समय है। उन्होंने चेताया है कि अगर चंद्रनगर PHC का उच्चीकरण, खेल मैदान का निर्माण और स्थायी एम्बुलेंस की व्यवस्था तुरंत नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता चुप नहीं बैठेगी।

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