दान में मिले 25 लैपटॉप गायब, स्टॉक रजिस्टर का रिकॉर्ड भी साफ!

दान में मिले 25 लैपटॉप गायब, स्टॉक रजिस्टर का रिकॉर्ड भी साफ!
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दान में मिले 25 लैपटॉप गायब, स्टॉक रजिस्टर का रिकॉर्ड भी साफ!


देहरादून/चमोली:उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) में एक और बड़ा घोटाला सामने आ गया है। 

दैनिक भास्कर और लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 8 से 10 वर्षों के दौरान विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों (SBI, PNB, और कैनरा बैंक) द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद के तहत मंदिर समिति को दान में दिए गए करीब 20 से 25 लैपटॉप अचानक गायब हो गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि मंदिर समिति के सरकारी स्टॉक रजिस्टर से भी इन लैपटॉप का रिकॉर्ड पूरी तरह गायब है।

मंदिर समिति के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से खबर है कि इन गायब लैपटॉपों को बीकेटीसी से जुड़े कुछ रसूखदार लोग और कर्मचारी अपने साथ घर ले गए हैं। चूंकि स्टॉक रजिस्टर में भी इनका कोई आधिकारिक एंट्री रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, इसलिए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस गड़बड़ी को सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया है

 मामले पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा है कि फिलहाल उन्हें लैपटॉप गायब होने की आधिकारिक जानकारी नहीं थी, लेकिन यदि ऐसा कोई गंभीर प्रकरण सामने आया है, तो इसकी निश्चित तौर पर कड़ी जांच कराई जाएगी।

 चढ़ावा चोरी की जांच के लिए मंदिर समिति ने 4 सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी गठित कर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, कमेटी गठन के 3 दिन बाद भी जांच टीम मौके पर नहीं पहुंची है, जिससे मंदिर प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह टीम 9 जुलाई को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी।

 बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने साफ किया है कि यदि जांच में आरोप सच पाए जाते हैं, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 के तहत सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। यूनिवार्ता के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने करोड़ों के चढ़ावे की हेराफेरी और लैपटॉप चोरी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। वहीं, हिंदूवादी संगठन 'भैरव सेना' ने मंदिर समिति की आंतरिक विभागीय जांच को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष SIT जांच कराने की मांग उठाई है।

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