सरकार के विकास के दावों की खुली पोल! 17 हजार ग्रामीण सड़क बंदी में कैद—एक हफ्ते से ब्रह्मसैंण मार्ग ठप, राशन-गैस तक पहुंचना मुश्किल।
मरीज-गर्भवती महिलाएं बेहाल, स्कूली बच्चे और ग्रामीण परेशान; ग्रामीणों का आरोप—सड़क खुलवाने में सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही, अब आंदोलन की चेतावनु।
**चमोली।** पहाड़ों में सड़क और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच दशोली क्षेत्र से **सरकारी सिस्टम की कथित लापरवाही की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हजारों ग्रामीणों को मुश्किल में डाल दिया है।** डुमक, कलगोठ और आसपास के गांवों को जोड़ने वाला गोपेश्वर-ब्रह्मसैंण मोटर मार्ग करीब **एक सप्ताह से अधिक समय से बंद** पड़ा है। ग्रामीणों का दावा है कि इससे **17 हजार से अधिक की आबादी सीधे प्रभावित** हो रही है।
सड़क बंद है, लेकिन ग्रामीणों की जरूरतें नहीं रुकीं। **राशन की आपूर्ति प्रभावित, सब्जी पहुंचना मुश्किल, रसोई गैस की किल्लत और आवाजाही ठप**—ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंदी ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह पटरी से उतार दिया है.।
सरकार सो रही है, जनता भुगत रही है!’
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बाधित होने के बाद भी संबंधित विभाग की ओर से मार्ग को जल्द खोलने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। लगातार कई दिन बीत जाने के बाद भी सड़क बहाल न होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
सबसे गंभीर स्थिति उन परिवारों की बताई जा रही है, जहां **बीमार मरीज और गर्भवती महिलाएं** हैं। सड़क बंद होने के कारण किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़े तो ग्रामीणों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।
स्कूल जाने वाले बच्चों की राह भी मुश्किल।
मार्ग बंद होने से स्कूली बच्चों और आम ग्रामीणों की आवाजाही भी प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि **इलाके की जीवनरेखा** है। इसके बंद होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरी सामान की आपूर्ति तक प्रभावित हो रही है।
पीडब्ल्यूडी पर ग्रामीणों का सीधा सवाल—आखिर कब खुलेगी सड़क?
देवरखडोरा ग्राम पंचायत सहित क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से तत्काल सड़क खुलवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब हजारों लोगों की जिंदगी इस मार्ग पर निर्भर है, तो विभाग की मशीनरी अब तक पूरी ताकत के साथ मौके पर क्यों नहीं पहुंची?
ज्ञापन देकर दी आर-पार की चेतावनी
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल मोटर मार्ग खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क बहाल नहीं हुई तो वे जनआंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब बड़ा सवाल यही है—**क्या प्रशासन हजारों ग्रामीणों की परेशानी खत्म करने के लिए तत्काल सड़क खोलता है या फिर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने का इंतजार किया जाएगा?**
**ग्रामीणों ने दो टूक कहा है—अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए।**
ज्ञाफन देने वालों में अजय कुमार क्षेत्र पंचायत सदस्य, एवं प्रधान देवर खड़ोरा ववीता देवी , प्रधान नेल कुडाव ममता देवी, प्रधान देवर खड़ोराबबीता देवी, मनमोहन , गजेंद्र सिंह, गीता बिष्ट , देवेंद्र सिंह रावत पदवेंद्र सिंह, भोपाल सिंह रावत जितेंद्र पासवान ,धीरेंद्र पासवान आदि थे


