17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ के कपाट।
कार्तिक संक्रांति पर सूर्य के तुला राशि में प्रवेश के साथ शुरू होगी कपाट बंद होने की प्रक्रिया।
**गोपेश्वर।** पौराणिक परंपराओं और पंचांग गणना के अनुसार चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आगामी **17 अक्टूबर 2026** को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने को लेकर मंदिर में तैयारियां और धार्मिक अनुष्ठानों की प्रक्रिया निर्धारित परंपराओं के अनुसार संपन्न होगी।
मंदिर के मुख्य पुजारी **श्री हरीश भट्ट** के अनुसार ज्योतिषीय गणना के तहत **कार्तिक संक्रांति** के पर्व पर 17 अक्टूबर को सायं **7 बजकर 47 मिनट पर सूर्य के तुला राशि में प्रवेश** के साथ कपाट बंद होने की विधि-विधान पूर्वक प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
कपाट बंद होने के साथ ही भगवान रुद्रनाथ की शीतकालीन पूजा-अर्चना से जुड़ी परंपराएं भी निर्धारित विधि के अनुसार आगे बढ़ेंगी। पौराणिक मान्यताओं में चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ धाम का विशेष धार्मिक महत्व है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री कठिन पैदल यात्रा कर भगवान रुद्रनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
**17 अक्टूबर को कपाट बंद होने के बाद रुद्रनाथ धाम के कपाट अगले वर्ष निर्धारित तिथि पर श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोले जाएंगे।**


