मलबे की चपेट में आने से हवन कुंड, रेन शेड और मंदिर परिसर तक पहुंचने वाला आवागमन मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। मंदिर परिसर में जगह-जगह भारी मात्रा में मलबा जमा होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। घटना के बाद मंदिर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पंचम केदार के रूप में प्रसिद्ध कल्पेश्वर महादेव मंदिर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां देश-प्रदेश से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में भारी मलबा घुसने और आवागमन मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा आने की घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर परिसर के आसपास पहाड़ी से लगातार मलबा आने का खतरा बना हुआ है, ऐसे में समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में जमा मलबे को तत्काल हटाने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मंदिर परिसर को सुरक्षित करना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु करना है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों से युद्धस्तर पर राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग उठ रही है।


