चमोली में ‘वार्तालाप’ से उठे सवाल: योजनाएं कागज से गांव तक कैसे पहुंचेंगी?
पीआईबी की क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर मंथन, ब्लॉक स्तर तक संवाद बढ़ाने की मांग।
**गोपेश्वर, 20 अगस्त।** सीमांत जनपद चमोली में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मीडिया की भूमिका को लेकर पीआईबी देहरादून की ओर से ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अधिकारियों और पत्रकारों के बीच स्वास्थ्य, कृषि, मत्स्य, महिला एवं बाल विकास, नशामुक्ति, स्वरोजगार तथा स्थानीय उत्पादों से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष **दौलत बिष्ट**, नगर पालिका अध्यक्ष **संदीप रावत**, जिलाधिकारी **गौरव कुमार**, पुलिस अधीक्षक **सुरजीत सिंह पंवार**, मुख्य विकास अधिकारी **डॉ. अभिषेक त्रिपाठी**, वरिष्ठ पत्रकार **क्रांति भट्ट** तथा पीआईबी के सहायक निदेशक **संजीव सुन्द्रियाल** ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
ब्लॉक स्तर तक पहुंचे ‘वार्तालाप’, तभी गांवों तक पहुंचेगी जानकारी
जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत बिष्ट ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए इस तरह के संवाद बेहद जरूरी हैं। उन्होंने पीआईबी से ‘वार्तालाप’ कार्यक्रमों को ब्लॉक स्तर तक आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को योजनाओं की सीधी और प्रमाणिक जानकारी मिल सके।
उन्होंने तमक नाला, नीति घाटी और टीएचडीसी पीपलकोटी में हुई आपदाओं के दौरान जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की।
जानकारी के अभाव में पात्र लोग योजनाओं से न छूटें
नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने कहा कि सरकार की कई योजनाएं संचालित होने के बावजूद पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव में आम लोगों तक उनकी जानकारी नहीं पहुंच पाती। उन्होंने कहा कि मीडिया और प्रशासन के बीच संवाद बढ़ने से योजनाओं की प्रमाणिक जानकारी जनता तक पहुंचाई जा सकती है।
नशे के खिलाफ अभियान और जिम्मेदार पत्रकारिता पर जोर।
एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने नशामुक्त भारत अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अभियान के तहत **140 नारकोटिक्स किट** वितरित की गई हैं। उन्होंने युवाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता की जरूरत बताई।
जिला समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक, नशामुक्ति केंद्रों और काउंसलिंग व्यवस्था सहित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी।
घायल को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार तक का पुरस्कार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंह पाल ने स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले स्थानीय व्यक्ति को **राहगीर योजना के तहत 25 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि** दी जाती है। कार्यशाला में आयुष्मान योजना, जननी सुरक्षा योजना और नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच जैसी योजनाओं पर भी जानकारी साझा की गई।
ई-20 पेट्रोल से किसानों को लाभ का दावा।
खाद्य पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय ने ई-20 पेट्रोल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके निर्माण में चावल, मक्का और गन्ने जैसे कृषि उत्पादों का उपयोग होता है। उन्होंने इसके जरिए किसानों को होने वाले संभावित लाभ और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डाला।
नंदा गौरा से लेकर ट्राउट और कीवी तक योजनाओं की जानकारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला ने बालिकाओं के लिए संचालित नंदा गौरा योजना की जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की।
सहायक निदेशक मत्स्य नितेश कुमार चंद्र ने मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत ट्राउट उत्पादन और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं पर जानकारी दी। वहीं जिला उद्यान अधिकारी नितेन्द्र सिंह ने चमोली के स्थानीय उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया समझाई तथा किसानों को मशरूम और कीवी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया।
मीडिया सरकार और जनता के बीच कड़ी : पीआईबी
पीआईबी के सहायक निदेशक संजीव सुन्द्रियाल ने कहा कि सीमांत जनपद चमोली में ‘वार्तालाप’ आयोजित करने का उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रामाणिक और तथ्यपरक जानकारी को मीडिया के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि चमोली के स्थानीय उत्पादों, संस्कृति और यहां की विशिष्ट पहचान को व्यापक मंच देने के साथ योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी कार्यक्रम का उद्देश्य है।
कार्यशाला में अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, स्थानीय समस्याओं और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में मीडिया की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।


